मेरे शहर के नौजवान,
नहीं होना चाहता अपने पैरो पर खड़ा।
लड़की, दारू, जैसी लत छोड़,
मैदा जैसे पाउडर के पीछे है पड़ा।
सब चिंता से मुक्त ये,
बस इन्हें पाउडर की जुगार करा दे।
किसी दिन ना मिले तो,
उसकी तलब इसे जीने ना दे।
चखते तो है घरवालों से छुप कर,
किंतु इसका असर मां बाप से कैसे छुपाता होगा?
क्या इसकी लत लगने के बाद भी,
इनके घरवालों को पता नहीं चलता होगा?
प्यार और एसो आराम का नतीजा है,
या फिर इसका डिप्रेशन जैसा कुछ वजह है।
खुद को मौत के मुंह में ले जाना,
या फिर दोस्ती निभाने की यह सजा है।
समस्या का समाधान नहीं ढूंढते है,
कठिनाइयों का सामना करने से डरते है।
जिस वक्त भविष्य को संवारना चाहिए,
उस वक्त पाउडर का स्वाद चखते है।
माना की प्यार का नशा भी हानिकारक है,
किंतु इसमें तुम्हें कोई और भी संवारेगा।
अच्छा बुरा का फर्क के साथ साथ
यार दोस्तों के बहकावे में जाने से रौकेगा।
देखने से तो ये बस मैदा जैसा पाउडर है,
बड़े शहर की बड़ी बात वाली इससे लगती आदत है।
शौकिया दिखावे के लिए कर रहे हो तो जान लो,
इसी पर सब कुछ बरवाद करने वाली कहावत है।
तुम युवा हो, तुम पर ज़िम्मेदारियां आएगी,
अपने नाजुक कंधो को मजबूत बनाओ।
ना की अपने पाउडर की लत से,
भरी जवानी में ही अपने आप को गिराओ।
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