Sunday, March 23, 2025

जिंदगी के हसीन पन्ने


प्यार हो जाने के डर से,

मैं पीछे हो गया।

अपनी अच्छी खासी दोस्ती से,

दूरियां बना लिया।


साथ निभा ना पाया तो,

तुमने मुझे ही गलत समझ लिया।

मेरे बातों को तुमने ही,

अलग मतलब निकाल, आगे चल दिया।


कैसे मिटाऊं तेरे कदमों के निसान,

जो मेरे जिंदगी के हसीन पन्ने में है।

लोग कहते है भूल जाओ आगे बढ़ो,

पर मजा भी तो, तुझे याद कर तड़पने में है।

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